IMPRI
Priority of New India @75: Central Vista and Catastrophic Coronavirus Pandemic
Tikender Singh PanwarA fascist leader wants to leave an imprint of his glory on Delhi. If the construction of Volksshalle was the idea of...
श्रमिकों के रिवर्स माइग्रेशन के बाद, उनके नियोक्ताओं के लिए दुनिया...
बलवंत सिंह मेहता, आई.सी.अवस्थी,मशकूर अहमद, अर्जुन कुमारलॉकडाउन लगाए जाने के बाद से श्रमिकों के साथ एक असंवेदनशील गतिशीलता, विकल्प की कमी...
चीन का कोविड 19 सम्बंध:आख़िरकार चीन ने स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जाँच की...
सिमी मेहताचीन के बाद में दुनिया भर में कोरोनावायरस का प्रकोप अपने पैमाने और प्रभाव दोनों में अभूतपूर्व रहा है। बदलते विश्व...
Checkmate! China’s Coronavirus Connection
Simi MehtaCoronavirus outbreaks in China and later across the globe have been unprecedented in both their scale and impacts. In the era...
कोविड 19 के वक्त में गिग श्रमिको के योगदान और कल्याण...
बलवंत सिंह मेहता,अर्जुन कुमारस्वतंत्र गिग अर्थव्यवस्था आज की आधुनिक दुनिया में रोज़गार का एक प्रमुख चालक है। फिर भी इसके कर्मचारी असुरक्षा और अस्थिरता...
করোনা সংকটে কেমন রয়েছেন প্রবীণ ও প্রতিবন্ধী নাগরিকরা
সৌম্যদীপ চট্টোপাধ্যায়, সিমি মেহতা, অর্জুন কুমারপ্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী করোনার মোকাবিলায় গত ১৪ই এপ্রিল জাতির উদ্দ্যেশে ভাষণে সাতটি পদক্ষেপের অঙ্গ হিসাবে প্রবীণ নাগরিকদের যত্ন নেওয়ার উপর বিশেষ গুরুত্ব দেন। ওয়ার্ল্ড...
कोविड 19 लॉकडाउन प्रभाव: भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में नौकरीयों का...
बलवंत सिंह मेहता और अर्जुन कुमारभारत के अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को एक अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ रहा है और जिसमें अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकटों में से एक में हो रहे नौकरियों का नुकसान बड़ा है।अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने अनुमान लगाया कि विश्व स्तर पर 25 मिलियन से अधिक नौकरियों को कोरोनावायरस के...
Gig Workers Are Contributing Big In The Times Of Covid-19; Their...
Balwant Singh Mehta, Arjun KumarBackgroundRapid technological advancement around the world has ushered in the era of ‘the future of work’ also...
Myriad Misery of Migrant Workers: COVID-19 and Lockdown
I. C. Awasthi, Balwant Singh Mehta, Mashkoor Ahmad and Arjun KumarPreludeWith close to 100,000 COVID-19 cases, India has entered its...
राष्ट्रीय लॉकडाउन में लड़खड़ाती आजीविका
बलवंत सिंह मेहता और अर्जुन कुमारलॉकडाउन होने के बाद के हफ्तों में देश में केवल 285 मिलियन लोग काम कर रहे थे जबकि 404 मिलियन लोग महामारी फैलने से पहले कार्यरत थे।विश्व स्तर पर कोरोनवायरस के फैलने से 25 मिलियन से अधिक नौकरियों को खतरा होगाअंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का अनुमान है कि 3.3 बिलियन के वैश्विक कार्यबल में पांच में से चार लोग...














